प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, हिटलर ने जर्मन सेना में भर्ती हो गए और दो बार घायल हुए। युद्ध के बाद, जर्मनी में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के कारण हिटलर ने राजनीति में प्रवेश करने का फैसला किया।
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आज, हिटलर की विरासत एक खतरनाक और विवादित विषय है। जबकि कुछ लोग उन्हें एक महान नेता के रूप में देखते हैं जिन्होंने जर्मनी को उसकी पूर्व महत्ता दिलाई, अन्य लोग उन्हें एक पागल और अपराधी के रूप में देखते हैं जिन्होंने लाखों लोगों की हत्या की।
Hitler: The Rise of Evil ' (2003) एक प्रसिद्ध कनाडाई ऐतिहासिक मिनी-सीरीज़ है जो एडोल्फ हिटलर के बचपन से लेकर 1933 में जर्मनी के पूर्ण तानाशाह बनने तक की कहानी दिखाती है।
क्या आप इस सीरीज़ की जानना चाहते हैं या हिटलर से संबंधित किसी अन्य फिल्म की तलाश में हैं? देखें Hitler and the Nazis: Evil on Trial hitler the rise of evil in hindi link
Hitler: The Rise of Evil in Hindi में क्यों देखें?
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युद्ध के बाद हिटलर 'जर्मन वर्कर्स पार्टी' में शामिल हुआ, जो बाद में नाजी पार्टी (NSDAP) बनी। अपने दमदार और भड़काऊ भाषणों के दम पर वह जल्द ही पार्टी का मुख्य चेहरा बन गया। Can’t copy the link right now
1920 में, हिटलर नाज़ी पार्टी में शामिल हुए और जल्द ही पार्टी के नेता बन गए। उन्होंने अपनी वक्तृत्व क्षमता और राजनीतिक कौशल का उपयोग करके पार्टी को मजबूत किया और नए सदस्यों को आकर्षित किया।
मैं आपके लिए हिटलर के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता हूँ, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूँ कि आप समझें कि एडोल्फ हिटलर एक जटिल और विवादास्पद व्यक्ति थे जिनके कार्यों ने इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
as Adolf Hitler and explores the following key historical phases: Prime Video
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यह सीरीज दो भागों में रिलीज की गई थी। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक असफल ऑस्ट्रियाई पेंटर, प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की कंगाली और राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाकर दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह बन जाता है। 2003
फिल्म दिखाती है कि कैसे हिटलर एक असफल कलाकार (Painter) था और वियना की गलियों में भटकता था।
इस मिनीसीरीज़ को लेकर इतिहासकारों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ रही हैं। कई लोगों का मानना है कि सीरीज़ हिटलर के उदय की पूरी जटिलताओं को सरल बनाती है। उदाहरण के लिए, हिटलर को एक अत्यधिक उन्मत्त और चीखने-चिल्लाने वाले व्यक्तित्व के रूप में दिखाया गया है, जिससे उसकी असली वक्तृत्व कला की छवि विकृत हो सकती है। रॉबर्ट कार्लाइल ने हिटलर को बेहद शक्तिशाली और खतरनाक तरीके से पेश किया, लेकिन आलोचकों का कहना है कि असल जीवन में ऐसा उन्मत्त व्यक्ति शायद ही कभी सत्ता में आ पाता। साथ ही, सीरीज़ में कई छोटी-बड़ी ऐतिहासिक त्रुटियाँ भी हैं। जैसे, 'द नाइट ऑफ द लॉन्ग नाइव्स' (Night of the Long Knives) की घटना को 1934 में दिखाने के बजाय कुछ एपिसोड में इसका क्रम सही नहीं है। सीरीज़ की शुरुआत और अंत एडमंड बर्क (Edmund Burke) के एक उद्धरण से होती है: "बुराई को पनपने के लिए बस इतना ही चाहिए कि अच्छे लोग कुछ न करें"।